झज्जर जिले का परिचय (शहीदों का शहर) – Jhajjar District

Introduction to Jhajjar

हरियाणा राज्य के मध्य दक्षिण भाग में स्थित हैं। इस के पूर्वी भाग में दिल्ली राज्य, उत्तरी भाग में रोहतक जिला, पश्चिमी भाग में भिवानी जिला, दक्षिण पूर्व में गुड़गांव जिला और दक्षिण पश्चिम में रेवाड़ी जिला स्थित है। छज्जू अथवा झोझ गहलावत व्यक्ति के अनुरोध पर गोरी ने झज्जर शहर को बसाया था। इस इलाके पर मुगलों की हुकूमत के बाद फर्रूखसियर, रघुनाथ राव, और महाराजा सूरजमल ने भी राज किया है। सन 1780 ई. में आयरलैंड में जन्मे जॉर्ज थॉमस सिंधिया घराने के नवाब अप्पाजी खंडेराव के संपर्क में आए। अपने खिलाफ बढ़ता विद्रोह देखते हुए जॉर्ज थॉमस सन् 1801 में सब कुछ छोड़कर कोलकाता चले गए। सन 1803 ईसवी में यह इलाका ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने कब्जे में ले लिया। जिले से 15 किलोमीटर की दूरी पर बना भिंडावास कंपलेक्स पर्यटक स्थल के रूप में पूरे हरियाणा में प्रसिद्ध है।
सन् 18 अक्टूबर 1857 को छूछकवास के नवाब ने अंग्रेजों के सामने हथियार डाल दिए और उन्हें 14 दिसंबर को लाल किले के सामने फांसी दे दी गई। इस तरह झज्जर अंग्रेजो के कब्जे में आ गया और इसे नारनौल और दादरी से जोड़कर एक नया जिला बना दिया गया। लेकिन कुछ समय बाद इसे तहसील बनाकर रोहतक से जोड़ दिया गया। 15 जुलाई 1997 को यह फिर से नया जिले के रूप में उभर कर सामने आया।

स्थिति : हरियाणा के मध्य दक्षिण भाग में (रोहतक) से अलग होकर बना है।

मुख्यालय : झज्जर
स्थापना : 15 जुलाई 1997
क्षेत्रफल : 1834 वर्ग किलोमीटर
उपमंडल : बेरी, बादली व बहादुरगढ़
तहसीलें :  बहादुरगढ़, मातन हेल, बादली, बेरी
उप तहसीलें : साल्हावास
खंड : बहादुरगढ़, मातन हेल, बादली, बेरी, सालावास
जनसंख्या : 958405 (2011 के अनुसार)
जनसंख्या घनत्व : 523 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर
लिंगानुपात : 862 महिलाएं/प्रति हजार पुरुष
साक्षरता दर : 80.65%
पर्यटक स्थल : ठाकुरद्वार, शिवालय, रुडमल मंदिर, काजी मस्जिद, छुड़ानी धाम, बुआ का तालाब या गुंबद।
प्रमुख उद्योग : मशीनी उपकरण, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, डीजल इंजन, विद्युत पंप, इस्पात पाइप, सिरेमिक, कंप्यूटर स्टेशनरी
प्राचीन नाम : छज्जू नगर

महत्वपूर्ण संस्थान :-

सोलिड वेस्ट प्लांट, हरियाणा का पहला परमाणु विश्वविद्यालय (जसोल खेंडी), कैंसर संस्थान, पैनासोनिक टेक्नोपार्क, जगन्नाथ विश्वविद्यालय, प्रतापगढ़ फार्म, गुरुकुल झज्जर में हरियाणा का सबसे बड़ा पुरातात्विक संग्रहालय, महात्मा गांधी तापीय विद्युत परियोजना, अरावली सुपर तापीय विद्युत परियोजना।

प्रमुख व्यक्तित्व :-

भगवत दयाल शर्मा (बेरी गांव), गरीबदास (छुड़ानी), दीनदयाल शर्मा, दलबीर सुहाग, श्रीराम शर्मा, बस्तीराम (खेड़ी सुल्तान), मानुषी छिल्लर, बजरंग पूनिया।

महत्वपूर्ण स्थल:-

गुरुकुल झज्जर पुरातात्विक संग्रहालय :-

वर्ष 1959 में आचार्य भगवान देव उर्फ स्वामी ओमानंद सरस्वती ने झज्जर में पुरातात्विक महत्व के संग्रहालय का श्रीगणेश किया था। 427 ताम्रपत्र पर खुदाई करके लिखे गए स्वामी दयानंद रचित संपूर्ण “सत्यार्थ प्रकाश” इस संग्रहालय की एक अनूठी और दुर्लभ कृति है। गुरुकुल झज्जर की स्थापना 16 मई 1915 को महाशय विशंभरदास, स्वामी परमानंद और स्वामी ब्रह्मानंद द्वारा की गई।

गोरिया पर्यटक स्थल :-

राष्ट्रीय राजमार्ग 10 पर बहादुरगढ़ में गोरिया पर्यटक स्थल स्थापित है।

भिंडावास पक्षी विहार :-

भिंडावास पक्षी विहार 15 किलोमीटर दूर पहल गांव में स्थित है।

निराचा धाम (बेरी) :-

कस्बा बेरी के पूर्वोत्तर में स्थित निराचा धाम का बड़ा महत्व है।इसे बाबा भगवान दास आश्रम के नाम से भी जाना जाता है।

काजी की मस्जिद (दुजाना) :-

रोहतक से 22 किलोमीटर दूर झज्जर मार्ग पर स्थित ग्राम दुजाना में निर्मित यह एक प्राचीन मस्जिद है।आज से लगभग 200 साल पहले सेयद हफीजुद्दीन नामक एक काजी ने इस मस्जिद का निर्माण कराया था।

डीघल गांव का शिवालय :-

यहां पर डीघल में प्राचीन शिवालय स्थित है। इस मंदिर का निर्माण कार्य साहूकार लाला धनीराम ने आरंभ करवाया था। एक ऊंची चौकी पर नागर शैली में बने शिवालय को बनाने के लिए ब्रह्मभाग, विष्णु भाग तथा सबसे ऊपर शिव भक्तों की कल्पना की गई है इसका निर्माण 1880 ईस्वी में किया गया था।

भीमेश्वरी देवी का मंदिर :-

यह महाभारत के कालका मंदिर है। बेरी गांव में स्थापित इस मंदिर के दर्शन के लिए देश-विदेश से पर्यटक काफी मात्रा में इस स्थान पर आते हैं।

बहादुरगढ़ :-

इससे पहले यह सराफा बाद के नाम से जाना जाता था। सन 1757 में यहां जागीर बहादुर खान पठान को दे दी गई बहादुर खान यहां 40 साल रहा। और सन 1865 में बहादुरगढ़ में लाला भगवान दास ने एक तालाब का निर्माण करवाया था।

बेरी :-

बेरी को एक विरदो नाम के कानूनगो ने बसाया था। बेरी दो भीषण लड़ाइयां लड़ी गई थी। प्रथम लड़ाई सन 1794 में जाटों और जॉर्ज थॉमस के मध्य तब लड़ी गई थी जब उसे शहीदों का शहर की अमीलदारी मिली थी। यह लड़ाई जॉर्ज ने जीती थी। दूसरी लड़ाई उसने सीखो और मराठों के संयुक्त सेना के विरुद्ध सन 1801 में लड़ी थी। हरियाणा के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा और भारत सरकार के पूर्व रक्षा मंत्री प्रोफेसर शेर सिंह ने बेरी के राजकीय हाई स्कूल में शिक्षा ग्रहण की थी।

बहादुरगढ़ :-

इसकी स्थापना राठी जाटों ने की थी इसका पुराना नाम सरफाबाद था बहादुरगढ़ पर महादजी सिंधिया का अधिकार 1793 ईस्वी में तथा अंग्रेजों का अधिकार 1803 ईसवी में हुआ था “बहादुरगढ़ को हरियाणा का प्रवेश द्वार” भी कहा जाता है सेनेटरी उद्योग, फुटवियर उद्योग, फुटवेयर पार्क, गौरैया पर्यटक स्थल,उत्तर भारत का प्रथम भूकंप माफिया केंद्र बहादुरगढ़ में स्थित है।

पुरातात्विक संग्रहालय :-

सन 1959 में ओमनंद सरस्वती ने इसे बनवाया था। यह हरियाणा का सबसे बड़ा पुरातत्व संग्रहालय है।

Note :-

  •  हरियाणा में पशुओं का सबसे बड़ा मेला जहाजगढ़(झज्झर) में लगता है।
  •  हरियाणा का सबसे बड़ा बस स्टैंड झज्जर का ही है।
 





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